आजादी के बाद पहली बार बन रही सड़क पर भी ठेकेदार खेल रहा भष्ट्राचार की होली
ग्रामीणों ने अधिकारी और ठेकेदार पर मिली भगत का लगाया आरोप
विजय पवार की खास रिपोर्ट
वारासिवनी। खैरलांजी जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत बिटोड़ी से कन्हारटोला ,कोथुरना मार्ग पर चल रहे घटिया सड़क निर्माण कार्य को बंद करवा दिया हैं और गुणवत्तापूर्ण सड़क का निर्माण करवाए जाने की माँग जिम्मेदारों से की हैं।
दरअसल बिटोड़ी से कौथुरना तक करीब एक करोड़ 42 लाख रुपये की लागत से बन रही 3.50 किमी की सड़क आजादी के 76 वर्ष बाद पहली बार बन रही हैं यह सड़क लोकनिर्माण विभाग की देखरेख में भाजपा नेता ठेकेदार प्रवीण खरोल माध्यम से बनाई जा रही हैं जिसका भूमि पूजन भाजपा नेता और पूर्व मंत्री प्रदीप जायसवाल द्वारा किया गया था और ठेकेदार को साफ शब्दों में कहा गया था कि उक्त सड़क आजादी के बाद पहली बार बन रही हैं सड़क गुणवत्तापूर्ण होनी चाहिए लेकिन ठेकेदार ने पूर्व मंत्री प्रदीप जायसवाल के निर्देशों को हवा में उड़ा दिया और घटिया सड़क का निर्माण नियमों को ताक पर रख करने लगा जिससे आक्रोशित ग्रामीणों ने निर्माण कार्य ही बंद करवा दिया और मौके पर विभाग के अधिकारियों और ठेकेदार को बुलाने की माँग करने लगे लेकिन अधिकारी और ठेकेदार आने में टालमटोल करते रहे और करीब 3 घण्टे बाद मौके पर पँहुचे जहाँ साफ शब्दों में ग्रामीणों ने अधिकारियों और ठेकेदार से कह दिया कि सड़क बनेंगी तो गुणवत्तापूर्ण ही बनेंगी वर्ना नही जिसके बाद करीब २ घंटे तक ग्रामीणों अधिकारियों और ठेकेदार के बीच करीब 2 घण्टे चली चर्चा के बाद गुणवत्तापूर्ण सड़क निर्माण बनाए जाने के आश्वासन के बाद सड़क का पुननिर्माण कार्य प्रारंभ किया गया।
पैर मारने से ही उखड़ने लगी सड़क
ठेकेदार द्वारा आजादी के बाद पहली बार बन रही इस सड़क को किस तरह बनाया जा रहा हैं इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता हैं कि सड़क पर पैर मारते ही सड़क के धुर्रे उड़ गए नीचे जमीन दिखने लगी तो वही जमीन पर गिट्टी भी घटिया बिछाई गई हैं और तो और सड़क बनाने के पूर्व बिछाई गई गिट्टी पर पानी भी ढंग से नही डाला गया हैं।
करीब 1 करोड़ 42 लाख की लागत से बन रही हैं साढ़े तीन किलो मीटर की सड़क
सनद रहे कि खनिज मद से विधानसभा चुनाव के पूर्व तत्कालीन विधायक और क्षेत्रीय विधायक प्रदीप जायसवाल ने करीब 1 करोड़ 42 लाख रुपए की स्वीकृति बिटोड़ी से कन्हारटोला और कन्हारटोला से कौथुरना साढ़े तीन किलो मीटर की लंबाई के निर्माण के लिए स्वीकृत करवाई थी जिसका निर्माण कार्य बीते दिवस प्रारंभ हुआ था लेकिन पूर्व विधायक प्रदीप जायसवाल की सख्त हिदायत के बाद भी ठेकेदार द्वारा गुणवत्तापूर्ण सड़क निर्माण कार्य किए जाने की बजाए घटिया सड़क निर्माण कर करीब एक करोड़ 42 लाख रुपए की सरकारी राशि की होली खेलने का कुत्सित प्रयास किया गया लेकिन जागरूक ग्रामीणों ने इसके घटिया कार्य की पोल खोल कर रख दी।
तत्कालीन विधायक के प्रयासों से आजादी के बाद बन रही हैं सड़क
सनद रहे कि आजादी के बाद से अब तक कितनी ही सरकारें और विधायक आए और चले गए लेकिन किसी ने भी बिटोड़ी-कौथुरना और कन्हारटोला को जोड़ने वाली इस सड़क को बनाने में किसी ने अपनी रुचि नही दिखाई लेकिन जब तत्कालीन विधायक प्रदीप जायसवाल ने ग्रामीणों की इस तकलीफ़ को देखा तो उन्होंने उनकी तकलीफों को देखते हुए शासन से सड़क निर्माण के लिए करीब 1 करोड़ 42 लाख रुपये की राशि लॉकर ग्रामीणों को सड़क की सौगात देने का प्रयास किया हैं लेकिन सड़क बनाने वाला ठेकेदार उनके इस प्रयास को घटिया निर्माण कार्य के माध्यम धूलधूसरित करने का कार्य कर रहा हैं।
यह है मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार ४ जून को बिटोड़ी से कोथुरना रोड़ का भूमि पूजन कर डामरीकरण सडक़ निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया था। जिसमें प्रारंभ के दोनों ग्राम के अंदर सुबह से शाम तक सडक़ निर्माण का कार्य किया गया। परंतु ७ जून की पूरी रात ठेकेदार प्रवीण खरोले के द्वारा सडक़ निर्माण का कार्य किया गया। जैसे ही ८ जून की सुबह ग्रामीणजन रोड़ निर्माण को देखने निकले तो उन्होंने देखा कि रोड़ बन चुकी थी। परंतु वहाँ महज जमीन पर एक डामर की पतली चादर के समान थी। जिसमें पैर मारने से गड्ढा हो रहा था और नीचे कहीं पर सुखी गिट्टी तो कहीं सूखी जमीन निकल रही थी। जिस पर ग्रामीणों के द्वारा तत्काल घटना की जानकारी ग्राम सरपंच और विधायक सहित अन्य जनप्रतिनिधियों को दी गई। जिन्होंने मौके पर पहुंचकर घटना स्थिति को देखकर सडक़ निर्माण को घटिया निर्माण की संज्ञा देते हुए जमकर अपना आक्रोश व्यक्त किया। वहीं मौके पर जारी सडक़ निर्माण कार्य को रुकवा दिया गया । इसके संबंध में ठेकेदार प्रवीण खरोले और पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों से चर्चा कर उन्हें मौके पर उपस्थित होने के लिए कहा गया । तो अधिकारी और ठेकेदार दोनो टाल मटोल करते हुए जब अधिक दबाव पड़ा तब कहीं जाकर करते हुए करीब तीन घण्टे बाद मौके पर पहुंचे औऱ ग्रामीणों से चर्चा की इस दौरान ग्रामीणों के द्वारा घटिया सडक़ निर्माण को लेकर अधिकारियों और ठेकेदार को जमकर खरी खोटी सुनाई और घटिया सड़क की बजाए पुनः गुणवत्तापूर्ण सड़क का निर्माण किए जाने की मांग की गई जिसको लेकर करीब दो घण्टे तक जिसमें करीब २ घंटे ग्रामीणों अधिकारियों और ठेकेदार के बीच चर्चा होती रही।
ना गिट्टी ना सही मटेरियल डामर डालकर बिछा दी सडक़ पर परत
- किशोर नगपुरे ग्रामीण
बिटोडी से कन्हारटोला एवं कन्हारटोला से कोथुरना मार्ग का निर्माण कार्य किया जा रहा है । जिसमें प्रतिदिन पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों के द्वारा सडक़ का निरीक्षण किया जाता है परंतु हम जैसे ग्रामीणों को यह दिख रहा है कि इस प्रकार की रोड़ नहीं होती है। हमने भी अनेकों जगह रोड़ देखी है जिसमें नीचे गिट्टी डालकर डामर की परत बिछाई जाती है । परंतु यहां पर तो रोड़ के नीचे गिट्टी का चुरा और जमीन दिख रही है। वहीं सडक़ पर पाउडर की जगह सीमेन्ट सींच रहे है ऐसे में जो अधिकारी देखने आ रहे हैं उनकी रोड़ के मामले में मिली भगत है। जिस कारण से वह रोड़ की गुणवत्ता के साथ भी समझौता कर रहे हैं।
यह मार्ग आजादी के बाद पहली बार बनने जा रही है फिर भी घटिया निर्माण हो रहा है।डॉ किशोर नगपुरे ने चर्चा में बताया कि ४ जून को रोड़ का पूजन हुआ था इसके बाद डामरीकरण सडक़ निर्माण का कार्य प्रारंभ हुआ। इस सडक़ का भूमि पूजन पूर्व विधायक प्रदीप जायसवाल की उपस्थिति में हुआ था । और उन्होंने ठेकेदार को समझाया था कि रोड़ आजादी के बाद पहली बार बनने जा रही है इसमें किसी भी प्रकार से सामग्री में कोई समझौता नहीं होना चाहिए फिर भी ठेकेदार की मनमानी चल रही है। तीन दिन हो गया काम चल रहा है इन्होंने पहले कोट पूरा कर लिया है। बिटोड़ी से कोथुरना तक अब दूसरा कोट लगभग आधा हुआ है । तो पंचायत के प्रतिनिधियों ने जानकारी दी तो हमने आकर देखा कि यहां पर तो गुणवत्ताहीन रोड़ नही बन रही है। कोई भी आकर देखेगा वह बता देगा की रोड़ की गुणवत्ता क्या है। अधिकारी कर्मचारियों से हम बात करने देख रहे हैं कि गुणवत्ताहीन काम हो रहा है। यहां पर ना पीडब्ल्यूडी के अधिकारी, कर्मचारी ,सुपरवाइजर या ठेकेदार कोई भी नहीं है। जिनसे मोबाइल पर बात हुई तो वह कहते हैं आ रहे हैं कई घंटो से हम इंतजार कर रहे हैं सभी जिम्मेदार यहां नदारद है।
ठेकेदार प्रवीण खरोले ने रातो रात बना दी सडक़-कैलाश नगपुरे
सरपंच प्रतिनिधि कैलाश नगपुरे ने बताया कि यह रोड़ बिटोड़ी से कन्हारटोला और कन्हारटोला टोला से कोथुरना मार्ग के नाम से बन रही है। इसके बारे में ग्रामीणों ने बताया कि ठेकेदार ने रातों रात में यह रोड़ बना दी है हमारे ग्राम के अंदर तो दिन में रोड़ बनी ठीक था। परंतु रात में यह कैसी बनी यह देखने सुबह हम आए तो देखा कि रोड़ ठीक नहीं लगी। जिसे खोदकर देखा तो जीरो मटेरियल था नीचे पानी भी नहीं है हम अधिकारी और ठेकेदार प्रवीण खरोले से बात करना चाह रहे हैं कि वह बताएं कि ऐसा क्यों है क्या है । वरना हम फिर से काम करवाने के लिए मशीन को बंद करवायेंगें। मार्ग निर्माण के स्टीमेट की जानकारी लेने के लिए ठेकेदार प्रवीण खरोले से चर्चा की गई । दो.तीन बार उन्हें स्टीमेंट मांगा गया परंतु ठेकेदार प्रवीण खरोले ने हमें नहीं बताया अंधेरे में रखा केवल आश्वासन दिया ऐसे में हमने जनता और जनप्रतिनिधि के साथ यहां पर आकर मशीन बंद करवायें है।
अधिकारी की मिली भगत और ठेकेदार प्रवीण खरोले की साठ गांठ से बन रही सडक़- सुरेश नगपुरे
उपसरपंच सुरेश नगपुरे ने बताया कि बिटोड़ी से कोथुरना ३.५० किलोमीटर रोड़ डामरीकरण हो रहा है जिसे देखा तो पूरा जीरो कार्य दिख रहा है। इसमें बेस गिट्टी नहीं है अंदर पानी नहीं है ऊपर से रोड़ रोलर भी नहीं चलाया गया है ,पुरी रोड़ पैर मारने से उखड़ रही है और ना ही दोनों छोर पर कोई बोर्ड लगा है। हम यह जानते हैं की जैसी रोड़ बनना था वैसी नहीं बन रही है हमें ज्यादा नॉलेज तो नहीं है पर ऐसी रोड़ नहीं बनती है। ठेकेदार प्रवीण खरोले को फ ोन कर कहाँ की वह बतायें यह घटिया निर्माण क्यों हो रहा है किसने कहने पर हो रहा है। आप हमें समझाएं बोर्ड भी नहीं लगा है क्या स्टीमेट है यह पूछा गया तो ठेकेदार प्रवीण खरोले के द्वारा कुछ नहीं बोला गया और हमें तो लग रहा है कि वह हमें चकमा देकर घटिया निर्माण कर रहा है। पीडब्ल्यूडी के अधिकारी भी आते हैं परंतु जनप्रतिनिधियों से नहीं मिलते और उसके बाद भी ऐसा निर्माण हो रहा है। इसमें अधिकारियों की भी मिली भगत और ठेकेदार प्रवीण खरोले की लापरवाही हमें लग रही है।


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