शहडोल:मातृ मृत्यु के संभावित कारकों को किया जाए दूर- सी.एम.एच.ओ.

‘मातृ मृत्यु‘ दर को नियंत्रण रखने सबंधी त्रैमासिक बैठक सम्पन

शहडोल। कलेक्टर  तरुण भटनागर के मार्गदर्शन एवं निर्देशन  तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ एके लाल की उपस्थिति में आज होटल त्रिदेव में मातृ मृत्यु दर को नियंत्रण रखने के लिए प्रभावी क्रियान्वयन हेतु त्रैमासिक समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। 

    बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ ए.के. लाल ने मातृ मृत्यु दर को रोकने तथा मातृ मृत्यु दर के कारको को दूर करने के संबंध में जिले के सी. बी. एम. ओ. सेक्टर मेडिकल आफिसर, सी०एच० ओ०, ए एन एम० तथा आशा कार्यकताओं से संवाद किया। उन्होंने ने कहा कि प्रथम त्रैमास में ए.एन.सी. रजिस्ट्रेशन बढ़ाया जाए, साथ ही गर्भवती माताओ को स्वास्थ्य विभाग द्वारा दी जाने वाली आयरन फोलिक एसिड व अन्य पोषक  दवाईयां खाने के लिए समझाईस दी जाए तथा पौष्टिक आहार लेने की सलाह भी दी जायें।

   उन्होंने कहा कि मातृ मृत्यु के कुछ प्रमुख कारक है, जैसे गर्भवती माताओं को स्वास्थ्य संस्था ले जाने पर परिवार द्वारा विलंब, गर्भवती माताओं को स्वास्थ्य संस्था लाने के लिए वाहन विलंब तथा त्वरित उपचार न मिलना देखा जाता है। उन्होनंे कहा है कि हमें उक्त समस्याओं को दूर करना होगा।

    उन्होने कहा, कि यदि घर में मातृ मृत्यु होती है तो तो कम्यूनिटी आडिट, और यदि संस्था में मातृ मृत्यु होती है, तो कम्यूनिटी के साथ साथ फैसिलिटी आधारित आडिट भी की करना आवष्यक है।

      बैठक में डॉ0 आर. के. शुक्ला, डॉ राजेश मिश्रा, डी.एच.ओ. डॉ एस.डी. कवर,  सीबी.एम.ओ., डी पी एम  मनोज द्विवेदी, आई हेट के स्टेट काउंसलर  विकास द्विवेदी, सी.एच.ओ,ए एन एम एवं आशाकार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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