शहडोल:जीवन बीमा के 70 राष्ट्रीयकरण दिवस पर सेमिनार "एक मजबूत भारत के लिये एक मजबूत एल आई सी "

जीवन बीमा के 70 राष्ट्रीयकरण दिवस पर सेमिनार "एक मजबूत भारत के लिये एक मजबूत एल आई सी "

शहडोल। आल इंडिया इंश्योरेंस एम्पलाईज एसोसिएशन के आव्हान पर जीवन बीमा राष्ट्रीयकरण दिवस के अवसर पर 19 जनवरी 2025 को देश भर मे "सशक्त भारत के लिये सशक्त एल आई सी" की थीम पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। उल्लेखनीय है कि 19 जनवरी 1956 को केंद्र की तत्कालीन नेहरू सरकार द्वारा एक अध्यादेश जारी कर भारत में जीवन बीमा व्यवसाय का राष्ट्रीयकरण कर एल आई सी की स्थापना का मार्ग तैयार किया गया था। इस क्रम में 19 जनवरी 2025 को शहडोल डिवीजन इंश्योरेंस एम्पलाईज यूनियन (sdieu) के द्वारा एल आई सी के मंडल कार्यालय में sdieu के महासचिव स्वर्णेंदु दास की अध्यक्षता में एक सेमिनार का आयोजन किया गया। जिसके मुख्य अतिथि भारतीय जीवन बीमा के व.मण्डल प्रबंधक चाँद जी धर थे । कार्यक्रम में प्रथम श्रेणी अधिकारी संघ से  सुभाष लाल , एस.सी./एस.टी वेल्फेयर एसोशिएशन से श्री निरंजन सिंह टेकाम , विकास अधिकारी संघ (nfifwi) के प्रतिनिधि श्री संजीव श्रीवस्तव , पेंशनर एसोशिएशन (aiipa) के महासचिव श्री विजय उपाध्याय , अभिकर्ता संघ (liafi) के प्रमुख प्रतिनिधि श्री दिनकर तिवारी एवं श्री धर्मेंद्र नामदेव , पॉलिसीधारक एवं नगर के गणमान्य साहित्यकार श्री मिथिलेश राय इसके साथ ही शहडोल मण्डल कार्यालय, शाखा शहडोल एवं सी.ए.बी. शहडोल के कर्मचारियों अधिकारियों , विकास अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया । सर्वप्रथम में sdieu के महासचिव श्री स्वर्णेंदु दास ने अपना अध्यक्षीय उद्बोधन रखा, जिसमें उन्होंने आजादी के बाद से लेकर अब तक भारत मे जीवन बीमा उद्योग के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि देश मे 250 से ज्यादा निजी जीवन बीमा कंपनियों की लूट पाट रोकने इनका राष्ट्रीयकरण कर एल आई सी की स्थापना की गई थी l आज एल आई सी के पास 52 लाख करोड़ से अधिक की जीवन निधि, 42 लाख करोड़ से अधिक की परिसंपत्तियाँ तथा 30 करोड़ से अधिक पालिसी धारक है जो पूरी दुनिया के जीवन बीमा उद्योग हेतु अजूबा है l उन्होंने केन्द्र सरकार के प्रस्तावित बीमा संशोधन विधेयक का विरोध करते हुए कहा कि प्रस्तावित विधेयक राष्ट्रीयकृत बीमा उद्योग को कमजोर करने की कीमत पर निजी देशी विदेशी बीमा कंपनियों को आगे बढ़ाने का रास्ता तैयार करता है l उन्होंने बीमा क्षेत्र मे प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की सीमा 74 से बढ़ाकर 100 प्रतिशत करने, अभिकर्ताओं हेतु कम्पोजिट लाईसेंस जारी किये जाने, निजी कंपनियों हेतु साल्वेंसी मार्जिन की सीमा मे कमी करने तथा एक ही कंपनी को जीवन व आम बीमा दोनों क्षेत्रों मे काम करने की अनुमति दिये जाने के प्रस्तावों को समूचे बीमा उद्योग के लिये हानिकारक निरूपित किया । उसके पश्चात मुख्य अतिथि व.मण्डल प्रबंधक श्री चाँद जी धर द्वारा अपने उद्बोधन में कहा कि 1956 में निगम के राष्ट्रीयकरण से वर्तमान समय तक निगम ने अभूतपूर्व विकास करते हुए पंचवर्षीय योजनाओं सहित देश के बुनियादी क्षेत्रों के विकास हेतु प्रचुर धन राशि उपलब्ध कराई l साथ ही सन 2000 में निजी कंपनियों के आने के बाद एवं 2022 में शेयर मार्केट में लिस्टेड होने के बाद निगमद्वारा प्रत्येक प्रतिस्पर्धा का सामना कर भी आज दिनांक तक अपने को सर्वोच्च स्थान पर बनाए रखा एवं पॉलिसीधारकों को उच्च स्तरीय सेवा प्रदान की एवं देश के विकास में अतुलनीय योगदान दिया । सभा में में प्रथम श्रेणी अधिकारी संघ से  सुभाष लाल , एस.सी./एस.टी वेल्फेयर एसोशिएशन से  निरंजन सिंह टेकाम , विकास अधिकारी संघ के प्रतिनिधि  संजीव श्रीवस्तव , अभिकर्ता संघ के प्रमुख प्रतिनिधि दिनकर तिवारी एवं श्री धर्मेंद्र नामदेव , पेंशनर एसोशिएशन के महासचिव विजय उपाध्याय , पॉलिसीधारक एवं नगर के गणमान्य साहित्यकार मिथिलेश राय सभी ने सेमिनार के विषय “एक मजबूत भारत के लिये एक मजबूत एल आई सी “ पर अपने अपने विचार रखे। मिथिलेश राय जी ने एल.आई.सी. को भारत के आर्थिक संरचना का जड़ कहकर निगम को सम्मानित किया ।

     सेमिनार के दौरान उपस्थित समस्त अभिकर्तागणों का शहडोल डिवीजन इंश्योरेंस एम्पलाईज यूनियन की ओर से सम्मान किया गया तथा उन्हें 20 जनवरी को “ मेगा इवेंट्स डे “ पर अधिकाधिक पालिसियां प्रदान कर इस दिवस को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाने का अनुरोध किया गया। उल्लेखनीय है कि कल 20 जनवरी को भारतीय जीवन बीमा निगम मे अभिकर्ता सक्रियकरण दिवस मनाया जायेगा। आल इंडिया इंश्योरेंस एम्पलाईज एसोसिएशन द्वारा इस आव्हान को पुरजोर रूप से सफल बनाने का आव्हान किया गया है।

    आज के सेमिनार का सफल संचालन संगठन के उपाध्यक्ष काम. संगीता मल्लिक द्वारा किया गया। संगठन के शहडोल इकाई के अध्यक्ष काम. संतोष श्रीवास्तव द्वारा प्रस्तुत आभार प्रदर्शन के साथ सेमिनार की कार्यवाही संपन्न हुई।

Post a Comment

أحدث أقدم