अनूपपुर:परिवार की उपेक्षा का शिकार बुजुर्ग की मदद को आगे आई अनूपपुर पुलिस

 परिवार की उपेक्षा का शिकार बुजुर्ग की मदद को आगे आई अनूपपुर पुलिस

बेटों और बहुओं को दी सख्त समझाइश, पुलिस अधीक्षक ने जारी की वरिष्ठ नागरिकों के लिए एडवाइजरी

अनूपपुर। जिला अस्पताल अनूपपुर में इलाजरत एक 84 वर्षीय बुजुर्ग की उपेक्षा की खबर मिलते ही अनूपपुर पुलिस तत्काल हरकत में आ गई। सोशल मीडिया के माध्यम से पुलिस अधीक्षक  मोती उर रहमान को जानकारी मिली कि पुरानी बस्ती, अनूपपुर निवासी  मोहन कुशवाहा को उनके परिजनों ने अस्पताल में भर्ती तो कराया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी कोई देखरेख नहीं कर रहा है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने कोतवाली टीआई  अरविंद जैन को तत्काल जिला अस्पताल भेजा। पुलिस टीम ने न केवल बुजुर्ग की चिकित्सा व्यवस्था का जायजा लिया, बल्कि आवश्यक सहयोग भी सुनिश्चित किया। इसके उपरांत श्री मोहन कुशवाहा को उनके घर पुरानी बस्ती वापस पहुंचाया गया।

पुलिस जांच में सामने आया कि श्री कुशवाहा के दो बेटे — संतोष कुशवाहा और मोहन कुशवाहा — आपसी पारिवारिक मतभेद के चलते अपने वृद्ध पिता की देखभाल से मुंह मोड़ रहे थे। बताया गया कि कुछ दिन पूर्व टहलते समय बुजुर्ग गिर गए थे, जिससे सिर में चोट आई थी, परंतु इलाज के बाद भी उनकी कोई सुध लेने नहीं आया।

पुलिस के समझाने पर दोनों बेटों ने मिलकर आगे से अपने पिता की देखभाल का आश्वासन दिया।

इस घटना के बाद पुलिस अधीक्षक  मोती उर रहमान ने एक विशेष एडवाइजरी जारी की है, जिसमें उन्होंने कहा है,
"यदि किसी वरिष्ठ नागरिक को परिवार, मोहल्ले या आसपास किसी भी प्रकार की उपेक्षा, परेशानी या खतरे का सामना करना पड़ रहा हो, तो वे तुरंत पुलिस से संपर्क करें। पुलिस हरसंभव सहायता के लिए तत्पर है।"

इस संवेदनशील कदम से न केवल बुजुर्ग की मदद हुई, बल्कि समाज में एक सकारात्मक संदेश भी गया है कि अनदेखी और उपेक्षा के खिलाफ पुलिस सतर्क और संवेदनशील है।


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