नगर परिषद अध्यक्ष यशवंत सिंह की द्वेष भावना,राजीव भवन न देने बोला झूठ, कांग्रेस हुई आक्रामक, सौंपा ज्ञापन
जिला ब्यूरो मुनेन्द्र यादव
अनूपपुर (मध्य प्रदेश)। जिले की नगर परिषद बनगवा में एक बार फिर राजनीतिक पारा चढ़ गया है। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी राजनगर के अध्यक्ष राहुल सिंह परिहार ने नगर परिषद के अध्यक्ष पर सत्ता के दबाव में आकर भेदभावपूर्ण कार्य करने का गंभीर आरोप लगाया है। इस संबंध में मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO) को एक तीखा शिकायत पत्र सौंपा गया है।
क्या है पूरा मामला?
शिकायत के अनुसार, कांग्रेस पार्टी ने 29 मार्च 2026 को अपनी एक महत्वपूर्ण बैठक के लिए सार्वजनिक संपत्ति 'राजीव भवन' (राजनगर) की मांग की थी। कांग्रेस का आरोप है कि नगर परिषद अध्यक्ष श्री यशवंत सिंह ने यह कहकर भवन देने से इनकार कर दिया कि "भवन में सामान रखा हुआ है और वह खाली नहीं है।"
कांग्रेस नेताओं का दावा है कि भवन पूरी तरह खाली था और उपाध्यक्ष श्री धनंजय सिंह ने पहले इसकी सहमति भी दे दी थी, लेकिन अंतिम समय पर अध्यक्ष ने जानबूझकर बैठक रुकवा दी।
"एक के लिए बंद, दूसरे के लिए खुला"
विवाद तब और गहरा गया जब ठीक दो दिन बाद, 31 मार्च 2026 को उसी 'राजीव भवन' में भाजपा (BJP) की बैठक आयोजित की गई। राहुल सिंह परिहार ने इसे सीधे तौर पर 'पक्षपातपूर्ण और भेदभावपूर्ण' कार्रवाई बताया है। उनका कहना है कि सार्वजनिक संपत्ति पर सबका समान अधिकार है, लेकिन नगर परिषद अध्यक्ष द्वारा जनप्रतिनिधि होते हुए भी एक पार्टी विशेष के एजेंट के रूप में काम कर रहा है।
कांग्रेस पार्टी ने ज्ञापन के माध्यम से रखी प्रमुख मांगें:
कांग्रेस कमेटी ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी से इस मामले में निम्नलिखित मांगें की हैं:
अध्यक्ष की भूमिका की निष्पक्ष जांच की जाए।
सार्वजनिक संपत्तियों के दुरुपयोग और भेदभाव पर तुरंत रोक लगाई जाए।
भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए कड़े निर्देश जारी हों।
शिकायत पत्र के साथ कांग्रेस ने प्रमाण के तौर पर 29 मार्च को खाली पड़े भवन और 31 मार्च को वहां चल रही भाजपा की बैठक की तस्वीरें भी संलग्न की हैं।
नगर परिषद अध्यक्ष द्वारा सदैव हुई है भेदभाव की राजनीति
नगर परिषद अध्यक्ष यशवंत सिंह द्वारा भेदभाव की राजनीति सदैव की जाती है । स्थानीय युवकों के रोजगार का मामला हो या प्रमुखता देने की बात हो हमेशा भेद भाव किया जाता है । इनकी इसी भेदभाव की राजनीति की वजह से बनगवां आज भी विकाश की गति में पिछड़ा हुआ है ।4 साल बीत जाने के बावजूद आजतक बनगवां में विकास कार्य दूर दूर तक नजर नहीं आता है जबकि कई करोड़ रुपए विकास के नाम पर लूटा दिए गए। पर इस फण्ड का कहा इस्तेमाल हुआ कहीं नजर नहीं आता है जबकि खुद को विकास पुरूष कहलवाने के लिए लाखों खर्च कर दिया गया है ।
इस आक्रामक आंदोलन में इनकी रही सहभागिता
राहुल सिंह परिहार (ब्लॉक अध्यक्ष) हरिशंकर दुबे (पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष) जगदीश पटेल (पूर्व महामंत्री) निर्भय राव (मंडलम अध्यक्ष) अशोक जेठानी (पूर्व संगठन मंत्री) राजेश श्रीवास्तव(पूर्व मंडलम अध्यक्ष) मुकेश राजभर (नगर अध्यक्ष) अजय सिंह (नगर अध्यक्ष पौराधार) गोविंद प्रजापति (नगर अध्यक्ष डोला) पवन सिंह (पार्षद) सिरवन सिंह (पार्षद) संतोष सिंह (पार्षद) विकास श्रीवास्तव, इमरान अंसारी (ब्लॉक अध्यक्ष सेवादल) राहुल जायसवाल(राजनगर युवा उपाध्यक्ष),मनोहर जायसवाल(सेवा दल ब्लॉक अध्यक्ष), इमरान खान,आलोक सिंह, सद्दाम,सुबोध,गोपाल चौहान, अरविंद राजभर,संदीप दीवान, जयप्रकाश पांडे, बाबा भैया, तुलाराम चौधरी,भागीरथी, नागेन्द्र तिवारी,आदि सैकड़ों कांग्रेसी कार्यकर्ता सम्मिलित रहे।
"प्रशासन की निष्पक्षता पर अब सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं। क्या सरकारी संपत्तियां अब किसी एक विचारधारा की जागीर बन गई हैं?" – कांग्रेस कार्यकर्ताओं का साझा सवाल।

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