शहडोल:पंडित शंभूनाथ शुक्ल विश्वविद्यालय में दीक्षारंभ कार्यक्रम का छठवें दिन सफल आयोजन, विद्यार्थियों को मिला प्रेरणा और मार्गदर्शन

पंडित शंभूनाथ शुक्ल विश्वविद्यालय में दीक्षारंभ कार्यक्रम का छठवें दिन  सफल आयोजन, विद्यार्थियों को मिला प्रेरणा और मार्गदर्शन

शहडोल। पंडित शंभूनाथ शुक्ल विश्वविद्यालय में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए आयोजित दीक्षारंभ कार्यक्रम उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. राम शंकर ने की, जबकि कुलसचिव डॉ. आशीष तिवारी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं नैतिक परंपराओं से परिचित कराते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखना था।

अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कुलगुरु प्रो. राम शंकर ने विद्यार्थियों को ज्ञान, अनुशासन और नैतिक मूल्यों का महत्व बताते हुए कहा कि "जो किसी से न डरे और जिससे कोई न डरे, वही आचार्य होता है।" उन्होंने आगे कहा कि "वाह्य परिस्थितियों से मुक्ति का नाम ही ज्ञान है।" उन्होंने विद्यार्थियों से आत्मविश्वास, जिज्ञासा और सतत अध्ययन के माध्यम से जीवन में उत्कृष्टता प्राप्त करने का आह्वान किया।

विशिष्ट अतिथि कुलसचिव डॉ. आशीष तिवारी ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों को शुभकामनाएँ देते हुए विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों, नवाचारों, शोध गतिविधियों तथा छात्र-केंद्रित योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों से विश्वविद्यालय द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे अवसरों का पूर्ण लाभ उठाने का आग्रह किया।

प्रेरक वक्ता अर्शिता तिवारी ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि "छोटे कदम बड़े बदलाव की नींव रखते हैं।" उन्होंने विद्यार्थियों को बड़े लक्ष्य निर्धारित करने के लिए प्रेरित करते हुए कहा, "अपने सपनों को इतना ऊँचा रखिए कि आसमान भी आपकी मंज़िल का केवल एक पड़ाव लगे।" उनके प्रेरक विचारों ने विद्यार्थियों में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार किया।

आईएमएस, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के डॉ. रजत मिश्रा ने "स्कूल से विश्वविद्यालय तक का संक्रमण काल" विषय पर संवादात्मक व्याख्यान दिया। उन्होंने विद्यालय से विश्वविद्यालय जीवन में आने वाले शैक्षणिक, मानसिक एवं सामाजिक परिवर्तनों पर विस्तार से चर्चा करते हुए विद्यार्थियों को समय प्रबंधन, आत्मअनुशासन, सकारात्मक सोच और लक्ष्य आधारित अध्ययन के महत्व से अवगत कराया।

कार्यक्रम में डॉ. उमा सिंह ने विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों, पाठ्यक्रमों, शोध सुविधाओं एवं छात्र हितैषी गतिविधियों का विस्तृत परिचय प्रस्तुत किया। वहीं डॉ. मौसमी कर ने इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग का आकर्षक वीडियो प्रेजेंटेशन प्रस्तुत कर विभाग की प्रयोगशालाओं, उपलब्ध संसाधनों और शैक्षणिक गतिविधियों से विद्यार्थियों को परिचित कराया।

संयोजक डॉ. मनीषा शुक्ला  और सभी सदस्यों  द्वारा  संचालित किया जा रहा है । जिसमें मुख्य रूप से डॉ. आदर्श तिवारी ,डॉ. मुनीश नेगी ,डॉ. हेमन्त पाठक ,डॉ. रुचि सिंह ,डॉ. वंदना राम ,डॉ. प्रज्ञा यादव डॉ. संजीव द्विवेदी ,डॉ. दिलीप तिवारी ने सहयोग किया।

कार्यक्रम के अंत में डॉ. गणेश ने सभी अतिथियों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम की सफलता में सहयोग देने वाले सभी सदस्यों का धन्यवाद ज्ञापित किया।

दीक्षारंभ कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के प्राध्यापकगण, अधिकारी, कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में नवप्रवेशित विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता रही। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय जीवन की नई शुरुआत के लिए प्रेरणा, दिशा और आत्मविश्वास प्रदान किया।

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