वरदान फाउंडेशन का मानवीय संकल्प, रक्तदान से बचाई जा रही हैं जानें, जल्द होगा पूरे प्रदेश में संगठन का विस्तार
शहडोल। "रक्तदान महादान, परोपकार सर्वो धर्मः" और "मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म" के मूल मंत्र को आत्मसात करते हुए सामाजिक संस्था वरदान फाउंडेशन लगातार समाज में सेवा और संवेदनशीलता की अनूठी मिसाल पेश कर रही है। आपातकालीन परिस्थितियों में समय पर रक्त की व्यवस्था कराकर फाउंडेशन ने पिछले लगभग 2 वर्षों मे कई लोगों को नया जीवनदान दिया है। या मदत करने की कोशिश की हैं संस्था की इस सक्रियता और सेवा भावना को आगे बढ़ाते हुए प्रदेश अध्यक्ष कैलाश कुमार अहिरवार ने घोषणा की है कि बहुत जल्द पूरे प्रदेश में वरदान फाउंडेशन का विस्तार किया जाएगा, ताकि राज्य के कोने-कोने में हर जरूरतमंद तक समय पर मदद पहुंच सके।
संस्था के इसी सेवा अभियान के तहत हाल ही में शहडोल और नरसिंहपुर में दो प्रेरणादायक मामले सामने आए हैं
शहडोल - लैब टेक्नीशियन अमित अंबेडकर ने चौथी बार किया रक्तदान
मेडिकल कॉलेज शहडोल में पदस्थ लैब टेक्नीशियन और वरदान फाउंडेशन के सक्रिय सहयोगी अमित अंबेडकर ने मानवता की सेवा में एक बार फिर मिसाल कायम की है। इससे पूर्व जिला अस्पताल में 3 बार रक्तदान कर चुके अमित ने हाल ही में स्वयं आगे आकर मेडिकल कॉलेज शहडोल में अपने जीवन का चौथा रक्तदान किया। उनके इस सराहनीय कार्य की मेडिकल कॉलेज प्रशासन, अस्पताल कर्मचारियों और स्थानीय नागरिकों ने भूरि-भूरि प्रशंसा की है।
नरसिंहपुर - 2.5 g/dl हीमोग्लोबिन वाले गंभीर मरीज के लिए डॉ. अहिरवार बने वरदान
नरसिंहपुर जिला चिकित्सालय में बरमान कलां (रीछई) निवासी मरीज मुन्ना लाल नौरिया को बेहद गंभीर हालत में भर्ती कराया गया था, जिनका हीमोग्लोबिन स्तर घटकर मात्र 2.5 g/dl रह गया था। डॉक्टरों ने तुरंत रक्त चढ़ाने की अति-आवश्यकता बताई।
सूचना मिलने पर वरदान फाउंडेशन के जिला अध्यक्ष एवं अहिरवार समाज संघ भारत के जिला उपाध्यक्ष डॉ. कमलेश कुमार अहिरवार ने तुरंत अन्य रक्तदाताओं से संपर्क किया। जब ऐन मौके पर कोई दाता उपलब्ध नहीं हो सका, तो मरीज की बिगड़ती सांसों को देखते हुए डॉ. अहिरवार ने बिना एक पल गंवाए स्वयं रक्तदान करने का निर्णय लिया। यह उनका 18वां रक्तदान था।
"तेरा तुझको अर्पण..."
रक्तदान के बाद डॉ. कमलेश अहिरवार ने कहा: "प्रकृति का दिया हुआ कभी अल्प नहीं होता। 'तेरा तुझको अर्पण' की भावना ही वरदान फाउंडेशन का मूल मंत्र है। हमारी संस्था का सदैव यही प्रयास रहता है कि कोई भी जरूरतमंद इलाज या रक्त के अभाव में परेशान न हो।"
प्रदेशभर में विस्तार की तैयारी
वरदान फाउंडेशन के बढ़ते सामाजिक प्रभाव और निःस्वार्थ सेवा को देखते हुए प्रदेश अध्यक्ष कैलाश कुमार अहिरवार ने कहा कि संस्था का लक्ष्य प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य एवं आपातकालीन सहायता पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि बहुत जल्द वरदान फाउंडेशन की इकाइयों का विस्तार पूरे प्रदेश स्तर पर किया जाएगा, जिससे हर जिले और ग्रामीण अंचल में रक्तदाताओं का एक मजबूत नेटवर्क तैयार हो सके।
संस्था के पदाधिकारियों एवं स्थानीय नागरिकों ने समाज के सभी स्वस्थ युवाओं और नागरिकों से अपील की है कि वे समय-समय पर रक्तदान कर किसी न किसी का जीवन बचाने में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं।

एक टिप्पणी भेजें