उत्साह, हर्षाेल्लास एवं उमंग के साथ मनाया गया आजादी का 80वां पर्व स्वतंत्रता दिवस
शहडोल। 80वां स्वतंत्रता दिवस जिले में हर्षाेल्लास, उमंग एवं उत्साह के साथ मनाया गया। जिला स्तरीय मुख्य समारोह महात्मा गांधी स्टेडियम शहडोल में आयोजित किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया एवं राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। इसके पश्चात उन्होंने परेड का निरीक्षण किया तथा परेड कमांडरों से परिचय प्राप्त किया। कार्यक्रम का शुभारंभ सामूहिक रूप से राष्ट्रगीत एवं राष्ट्रगान के गायन से हुआ।
समारोह में कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने अनेकता में एकता के प्रतीक तीन रंगों के गुब्बारों को आकाश में मुक्त किया। विभिन्न सुरक्षा एवं अनुशासित बलों की टुकड़ियों ने आकर्षक मार्च पास्ट प्रस्तुत कर राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। विशेष शसस्त्र पुलिस बल, जिला पुलिस बल पुरूष, महिला पुलिस बल, होमगार्ड, शौर्या दल, वन विभाग, एनसीसी बालक-बालिका, स्काउट-गाइड, के दलों ने मार्च पास्ट में उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
स्वतंत्रता दिवस समारोह में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, वीर सैनिकों एवं शहीद सैनिकों के परिवारजनों तथा लोकतंत्र सेनानियों का शाल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया। समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का प्रदेश की जनता के नाम स्वतंत्रता दिवस संदेश का लाइव प्रसारण भी देखा एवं सुना गया।
शहडोल जिले के विकास पर आधारित विकास पुस्तिका का किया गया वितरण
स्थानीय गांधी स्टेडियम में आयोजित 80वें स्वाधीनता समारोह में प्रदेश सरकार द्वारा प्रकाशित बदलते दौर का मध्यप्रदेश शहडोल जिले की विकास गाथा पुस्तिका का वितरण जनसम्पर्क विभाग के माध्यम से किया गया। जिसमें शहडोल जिले का गौरव पूर्ण इतिहास, क्षेत्रफल, प्रशासनिक संरचना, प्रमुख पर्यटन एवं धार्मिक स्थल, कला संस्कृति एवं लोक जीवन, अधोसंरचना विकास, प्रदेश सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं की प्रगति एवं उपलब्धि, शहरी विकास, ग्रामीण विकास, जल संचय, जन भागीदारी, कृषि, पशुपालन, उद्यानिकी एवं मत्स्य विकास, महिला सशक्तिकरण, वंचित वर्ग के कल्याण हेतु किए गए कार्य तथा युवा कल्याण, सुशासन, प्रमुख उपलब्धियां एवं नवाचार तथा प्रदेश के मुख्यमंत्री जी द्वारा शहडोल जिले के भ्रमण से संबंधित जानकारियां शमिल हैं।
मुख्य समारोह को संबोधित करते हुए कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने कहा कि जिलेवासी भाइयों, बहनों एवं प्यारे बच्चों को भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। उन्होंने कहा कि आज घर-घर में तिरंगा लहरा रहा है, गली-गली में देशभक्ति के तराने गूंज रहे हैं और जन-जन के मन में देशप्रेम हिलोरे ले रहा है। धरती का कण-कण आजादी के उत्सव और उल्लास में डूबा हुआ है। हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत जिलेभर में निकाली गई तिरंगा यात्राएं चिर युवा भारत और अजर-अमर स्वतंत्रता का जयघोष कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि यह हम सभी के लिए सौभाग्य और गर्व का विषय है कि भारत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आजादी के 80वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। विकास, विश्वास और जनकल्याण को समर्पित प्रयासों ने देश को नई दिशा दी है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आजादी की 100वीं वर्षगांठ तक भारत एक विकसित राष्ट्र के रूप में संपूर्ण विश्व का पथ-प्रदर्शक बनेगा।
कलेक्टर ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और राष्ट्रनिर्माताओं को नमन करते हुए कहा कि आज का दिन केवल उत्सव का अवसर नहीं है, बल्कि उन असंख्य ज्ञात-अज्ञात स्वतंत्रता सेनानियों, क्रांतिकारियों और राष्ट्रनिर्माताओं के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का दिन है, जिन्होंने अपने त्याग, तप और बलिदान से हमें स्वतंत्र भारत का अमूल्य उपहार दिया।
उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, नेताजी सुभाषचन्द्र बोस, सरदार वल्लभभाई पटेल, बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर, शहीद भगत सिंह, चन्द्रशेखर आजाद, रानी लक्ष्मीबाई, तात्या टोपे, वीरांगना अवन्तीबाई लोधी, बिरसा मुंडा तथा जनजातीय अंचलों के सभी वीरों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।
शहडोल की जनजातीय संस्कृति और विकास पर दिया जोर
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ने कहा कि शहडोल केवल प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध जिला ही नहीं है, बल्कि अपनी जनजातीय संस्कृति, सामाजिक समरसता, प्राकृतिक धरोहर और ऐतिहासिक विरासत के कारण प्रदेश की विशिष्ट पहचान रखता है। बैगा, गोंड एवं अन्य जनजातीय समुदायों की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराएं, लोककला, लोकगीत, लोकनृत्य तथा प्रकृति के प्रति सम्मान जिले की सबसे बड़ी पूंजी हैं।
उन्होंने कहा कि विगत एक वर्ष में शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं, जिला प्रशासन के प्रयासों, जनप्रतिनिधियों के सहयोग तथा आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से शहडोल ने विकास के अनेक क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां प्राप्त की हैं। जिले की पहचान जनजातीय समाज से है और इसलिए विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है।
प्रधानमंत्री जनमन अभियान से विशेष पिछड़ी जनजातियों को मिला लाभ
मुख्य अतिथि ने बताया कि प्रधानमंत्री जनमन अभियान के अंतर्गत जिले में लक्ष्य के अनुरूप 1 लाख 2 हजार 424 विशेष पिछड़ी जनजाति एवं बैगा समुदाय के हितग्राहियों की ई-केवाईसी पूर्ण की गई। पात्र हितग्राहियों को आधार कार्ड, जाति प्रमाण-पत्र, जनधन खाते, किसान क्रेडिट कार्ड, पीएम किसान पंजीयन तथा राशन कार्ड जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं।
बैगा परिवारों के लिए 19 हजार 631 प्रधानमंत्री जनमन आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 16 हजार से अधिक आवास पूर्ण हो चुके हैं। दूरस्थ बैगा बस्तियों तक सड़क, बिजली, पेयजल, सौर ऊर्जा और मोबाइल नेटवर्क जैसी मूलभूत सुविधाओं का विस्तार किया गया है। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के माध्यम से जिले के 402 जनजातीय ग्रामों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार कर जनजातीय समाज को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है।
शिक्षा के क्षेत्र में हो रहा व्यापक विकास
मुख्य अतिथि ने कहा कि किसी भी समाज का विकास गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर आधारित होता है। जिले के चारों जनजातीय विकासखण्डों में संचालित सांदीपनि विद्यालय गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के नए केंद्र बन रहे हैं। लगभग 92 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक विद्यालय भवनों का निर्माण किया जा रहा है। छतवई का नवीन भवन पूर्ण हो चुका है, जबकि बुढ़ार, गोहपारू और जयसिंहनगर में निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है।
उन्होंने बताया कि जिले के स्कूलों में स्मार्ट क्लास, कम्प्यूटर लैब, पुस्तकालय, विज्ञान प्रयोगशालाएं और आधुनिक शिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। माता शबरी कन्या शिक्षा परिसर, एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, संभागीय ज्ञानोदय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय विचारपुर तथा विशिष्ट खेल परिसर जिले की नई पहचान बन रहे हैं। विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तक, छात्रवृत्ति, साइकिल, लैपटॉप तथा ई-स्कूटी जैसी योजनाओं का लाभ भी दिया जा रहा है।
स्वास्थ्य सेवाओं को बनाया जा रहा सुदृढ़
मुख्य अतिथि ने कहा कि स्वस्थ नागरिक ही विकसित समाज की सबसे बड़ी शक्ति हैं। राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत फाइलेरिया उन्मूलन अभियान में वर्ष 2026 के दौरान 96.80 प्रतिशत लक्षित आबादी तक दवा पहुंचाई गई। स्वस्थ यकृत मिशन के अंतर्गत 30 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों की स्क्रीनिंग की जा रही है। किशोरी बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से संचालित एचपीवी टीकाकरण अभियान में भी लगभग 90 प्रतिशत लक्ष्य की पूर्ति की गई है।
महिला एवं बाल विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य
मुख्य अतिथि ने बताया कि लाड़ली लक्ष्मी योजना के अंतर्गत 5,184 बालिकाओं का पंजीयन किया गया तथा 7,609 बालिकाओं को छात्रवृत्ति प्रदान की गई। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के माध्यम से 12,920 गर्भवती एवं धात्री माताओं को सहायता उपलब्ध कराई गई।
प्रधानमंत्री जनमन अभियान के अंतर्गत दूरस्थ क्षेत्रों में 60 नवीन आंगनवाड़ी केन्द्रों की स्थापना की गई। बाल विवाह के विरुद्ध प्रभावी अभियान चलाकर 23 बाल विवाह रोके गए। मिशन शक्ति और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के माध्यम से बालिका शिक्षा, साइबर सुरक्षा, डिजिटल साक्षरता एवं महिला अधिकारों के प्रति जनजागरण किया गया।
उन्होंने कहा कि जिले में संचालित ‘दागना मुक्त अभियान’ के प्रभावी क्रियान्वयन के कारण वर्ष 2025-26 में नवजात शिशुओं को दागने की कुप्रथा का एक भी मामला सामने नहीं आया, जो सामाजिक जागरूकता और प्रशासन की प्रतिबद्धता का उत्कृष्ट उदाहरण है।
कृषि एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिला बढ़ावा
मुख्य अतिथि ने कहा कि शहडोल कृषि एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर आधारित जिला है। जिले में उद्यानिकी फसलों के क्षेत्रफल में वृद्धि हुई है तथा लगभग 38 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में फल, सब्जी, मसाला, पुष्प एवं औषधीय फसलों का उत्पादन किया जा रहा है। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना के अंतर्गत नई इकाइयों की स्थापना से कृषि आधारित उद्योगों को गति मिली है। एक जिलादृएक उत्पाद के अंतर्गत शहडोल की हल्दी को ‘विराट’ ब्रांड के रूप में नई पहचान मिल रही है।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि एवं मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के माध्यम से लगभग 60 हजार किसान लाभान्वित हुए हैं। स्वामित्व योजना तथा फार्मर रजिस्ट्री का कार्य भी निरंतर प्रगति पर है।
जल संरक्षण में जनभागीदारी बनी मिसाल
मुख्य अतिथि ने कहा कि जल संरक्षण के क्षेत्र में जल गंगा संवर्धन अभियान जनभागीदारी का प्रेरक उदाहरण बनकर सामने आया है। वर्ष 2026 में लगभग 5,154 जल संरक्षण कार्य पूर्ण किए गए, जिन पर लगभग 164 करोड़ रुपये व्यय हुए। खेत तालाब, रिचार्ज पिट, जल संरक्षण संरचनाओं तथा व्यापक वृक्षारोपण के माध्यम से भविष्य की जल सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं।
महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण एवं रोजगार पर जोर
मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से हजारों महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर आजीविका के नए अवसर उपलब्ध कराए गए हैं। कृषि, पशुपालन, डेयरी, लघु उद्योग तथा स्वरोजगार गतिविधियों के माध्यम से महिलाएं अपने परिवार की आय बढ़ा रही हैं और ‘लखपति दीदी’ बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
औद्योगिक विकास एवं रोजगार के क्षेत्र में भी जिले ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। वर्ष 2025-26 में 175 नई एमएसएमई विनिर्माण इकाइयों की स्थापना हुई, जिनमें लगभग 72 करोड़ रुपये का निवेश हुआ तथा पांच सौ से अधिक युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार प्राप्त हुआ।
शहरी विकास एवं सामाजिक न्याय के क्षेत्र में भी उपलब्धियां
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी), अमृत 2.0 तथा पीएम स्वनिधि जैसी योजनाओं से हजारों परिवार लाभान्वित हुए हैं। महिला स्व-सहायता समूहों को ‘अमृत मित्र’ के रूप में जोड़कर जल गुणवत्ता परीक्षण, पार्कों के रखरखाव तथा पर्यावरण संरक्षण जैसे कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका दी गई है।
सामाजिक न्याय के क्षेत्र में वृद्धजन, दिव्यांगजन, विधवा एवं अन्य पात्र हितग्राहियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन उपलब्ध कराई जा रही है। लगभग 91 हजार हितग्राही नियमित रूप से सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ प्राप्त कर रहे हैं।
जनभागीदारी से बनेगा विकसित शहडोल
मुख्य अतिथि ने कहा कि इन सभी उपलब्धियों का श्रेय केवल शासन या प्रशासन को नहीं जाता, बल्कि किसानों, श्रमिकों, मातृशक्ति, युवाओं, शिक्षकों, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, स्वयं सहायता समूहों, पंचायत प्रतिनिधियों, जनप्रतिनिधियों तथा प्रत्येक जागरूक नागरिक की सहभागिता का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता केवल अधिकार नहीं, बल्कि कर्तव्य भी है। संविधान ने हमें न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के जो आदर्श दिए हैं, उन्हें अपने आचरण में उतारना ही सच्ची राष्ट्रभक्ति है।
मुख्य अतिथि ने जिलेवासियों से संकल्प लेने का आह्वान किया कि शहडोल को स्वच्छ, हरित, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। जल संरक्षण को जन-आंदोलन बनाया जाएगा, प्रत्येक बालक एवं बालिका को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने में योगदान दिया जाएगा, महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा एवं सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी जाएगी तथा जनजातीय संस्कृति, प्राकृतिक धरोहर एवं सामाजिक समरसता का संरक्षण किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि शहडोल की जागरूक जनता, किसान, श्रमिक, मातृशक्ति, युवा, अधिकारी, कर्मचारी तथा जनप्रतिनिधि अपने सामूहिक प्रयासों से जिले को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘विकसित भारत-2047’ तथा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के ‘आत्मनिर्भर एवं विकसित मध्यप्रदेश’ के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
मुख्य अतिथि ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल उत्सव नहीं, बल्कि जनसेवा से जनविश्वास और जनविश्वास से जनकल्याण के संकल्प को साकार करने का अवसर है। जिले के सर्वहारा वर्ग का सर्वाेदय ही शासन का लक्ष्य है। उन्होंने जिलेवासियों से आह्वान किया कि स्वतंत्रता के मूल्यों की रक्षा करते हुए जिले के सर्वांगीण विकास में अपना योगदान दें।
उन्होंने अपने उद्बोधन का समापन इन पंक्तियों के साथ किया
“जियें तो सदा इसी के लिए, यही अभिमान रहे यह हर्ष।
निछावर कर दें हम सर्वस्व, हमारा प्यारा भारतवर्ष।।
समारोह में विधायक जयसिंहनगर श्रीमती मनीषा सिंह, कमिश्नर शहडोल संभाग श्रीमती सुरभि गुप्ता, पुलिस महानिरीक्षक एन चैत्रा, उप पुलिस महानिरीक्षक विवेक सिंह, पुलिस अधीक्षक संजय कुमार अग्रवाल, सीईओ जिला पंचायत शिवम प्रजापति, डीएफओ, श्रद्धा पेंद्रो, तरूणा वर्मा, अपर कलेक्टर सरोधन सिंह, श्रीमती मिनिषा पाण्डेय, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, उपाध्यक्ष जिला पंचायत श्रीमती फूलवती सिंह, जिला योजना समिति की सदस्य श्रीमती अमिता चपरा, नगर पालिका अध्यक्ष धनश्याम जायसवाल, जनपद अध्यक्ष सोहागपुर श्रीमती हीरावती कोल, जनपद उपाध्यक्ष शक्ति सिंह, उपाध्यक्ष नगर पालिका प्रवीण डोली शर्मा, एसडीएम सोहागपुर श्रीमती अमृता गर्ग सहित गणमान्य नागरिक, जनप्रतिनिधि, शासकीय सेवक, स्कूली बच्चें एवं शिक्षक तथा पत्रकार उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन जिला समन्वयक जन अभियान परिषद विवेक पाण्डेय एवं अरूणिमा सिंह ने किया।


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