प्रशिक्षण और टूलकिट का मिला लाभ, व्यवसाय से आय बढ़कर 15 हजार रुपये हुई
शहडोल। जिले के ग्राम देवरी-2 निवासी प्रमोद केवट अपने पारंपरिक पेशे को आगे बढ़ाकर अपनी आय में वृद्धि करना चाहते थे। पारंपरिक व्यवसाय होने के बावजूद उन्हें इससे अपेक्षित आय प्राप्त नहीं हो पा रही थी। व्यवसाय को बेहतर तरीके से संचालित करने के लिए आधुनिक कौशल और आवश्यक संसाधनों की जरूरत महसूस हो रही थी।
इसी दौरान प्रमोद केवट ने पीएम विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत आवेदन किया। योजना के माध्यम से उन्हें आवश्यक कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण उपरांत उन्हें टूलकिट उपलब्ध कराई गई, जिससे वे अपने पारंपरिक कार्य को पहले की अपेक्षा बेहतर तरीके से करने में सक्षम हुए।
योजना के अंतर्गत श्री केवट को पहचान-पत्र एवं प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए गए। इसके साथ ही प्रशिक्षण के दौरान उन्हें प्रोत्साहन राशि का लाभ भी प्राप्त हुआ। प्रशिक्षण के माध्यम से उन्हें अपने पारंपरिक कार्य को आधुनिक तरीके से करने तथा उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करने में सहायता मिली।
श्री प्रमोद केवट बताते हैं कि योजना से जुड़ने से पहले उनके व्यवसाय से लगभग 10 हजार रुपये की आय हो रही थी। प्रशिक्षण एवं टूलकिट मिलने के बाद उन्होंने अपने कार्य को और बेहतर तरीके से आगे बढ़ाया। धीरे-धीरे उनके व्यवसाय में सुधार आया और वर्तमान में उनकी आय बढ़कर लगभग 15 हजार रुपये हो गई है।
पीएम विश्वकर्मा योजना से मिले सहयोग ने श्री प्रमोद केवट को अपने पारंपरिक व्यवसाय के प्रति नया विश्वास दिया है। वे अब अपने कार्य को निरंतर आगे बढ़ाने और आय में और वृद्धि करने के लिए प्रयासरत हैं। योजना उनके लिए पारंपरिक हुनर को आर्थिक अवसर में बदलने का माध्यम बनी है।

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