मानवता को सर्वोपरि मानकर पाँच साल से चिकित्सा सेवा में जुटे डॉ. विपिन पटेल
शहडोल। चिकित्सा केवल एक पेशा नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का संकल्प है। इसी भावना के साथ बिरसा मुंडा मेडिकल कॉलेज, शहडोल के आकस्मिक चिकित्सा विभाग में कार्यरत डॉ. विपिन कुमार पटेल ने चिकित्सा सेवा के पाँच वर्ष पूर्ण किए हैं। इस दौरान शहडोल सहित आसपास के जिलों से आने वाले हजारों मरीजों को आपातकालीन चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने में उनकी भूमिका रही है। आकस्मिक चिकित्सा विभाग में सड़क दुर्घटनाओं, सर्पदंश, जहर सेवन, वन्यजीवों के हमलों, हार्ट अटैक और अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। ऐसे मामलों में समय पर प्राथमिक उपचार और त्वरित चिकित्सकीय निर्णय मरीज की जान बचाने में महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। विभाग में गंभीर मरीजों के साथ-साथ बुखार, सर्दी-खांसी, उच्च रक्तचाप और अन्य बीमारियों से पीड़ित लोगों को भी आवश्यक चिकित्सा सहायता प्रदान की जाती है। मरीज की स्थिति के अनुसार जांच, प्रारंभिक उपचार और जरूरत पड़ने पर संबंधित विशेषज्ञ विभाग में आगे के उपचार की व्यवस्था की जाती है।
मरीजों की सेवा प्राथमिकता
शहडोल संभाग के दूरस्थ ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों से अनेक मरीज बेहतर उपचार की उम्मीद लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचते हैं। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए गंभीर बीमारी या दुर्घटना बड़ी चुनौती होती है। ऐसे में सरकारी चिकित्सा संस्थानों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। डॉ. विपिन पटेल के अनुसार, प्रत्येक मरीज के साथ संवेदनशीलता और सम्मान से व्यवहार करना तथा उपलब्ध संसाधनों के भीतर उसे सर्वोत्तम संभव चिकित्सा सहायता देना उनकी प्राथमिकता है।
24 घंटे, सातों दिन जनसेवा के लिए तत्पर
आकस्मिक चिकित्सा सेवाएं दिन-रात निरंतर जारी रहती हैं। किसी भी समय दुर्घटना या गंभीर बीमारी की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इसी कारण बिरसा मुंडा मेडिकल कॉलेज का आकस्मिक चिकित्सा विभाग 24 घंटे, सातों दिन मरीजों की सहायता के लिए कार्यरत रहता है। इस व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में चिकित्सा अधिकारियों, नर्सिंग स्टाफ और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों का सामूहिक योगदान रहता है। सड़क दुर्घटनाओं और अन्य मेडिको-लीगल मामलों में उपचार के साथ आवश्यक चिकित्सकीय दस्तावेजीकरण तथा निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन भी किया जाता है।
सेवा और समर्पण का संकल्प
डॉ. विपिन कुमार पटेल ने अपने पाँच वर्षों के सेवाकाल को अनुभव, जिम्मेदारी और जनसेवा की यात्रा बताया। उन्होंने अपने सहयोगी चिकित्सा अधिकारियों और स्वास्थ्यकर्मियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मरीज की पीड़ा को समझना, संकट के समय उसके साथ खड़े रहना और समय पर उपचार उपलब्ध कराने का प्रयास करना ही चिकित्सा सेवा का मूल उद्देश्य है। उन्होंने शहडोल सहित पूरे प्रदेश के नागरिकों के स्वस्थ एवं सुखी जीवन की कामना की। उनका कहना है कि चिकित्सा सेवा में संवेदनशीलता, टीमवर्क और कर्तव्यनिष्ठा का विशेष महत्व है। मानवता की सेवा और मरीजों का जीवन बचाने के संकल्प के साथ बिरसा मुंडा मेडिकल कॉलेज, शहडोल का आकस्मिक चिकित्सा विभाग जनसेवा में निरंतर जुटा है।
— डॉ. विपिन कुमार पटेल
आकस्मिक चिकित्सा अधिकारी (CMO)
बिरसा मुंडा मेडिकल कॉलेज, शहडोल, मध्य प्रदेश

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