वन विभाग की प्रशिक्षण कार्यशाला में वन्यजीव संरक्षण और वन अपराधों की जांच पर दिया गया प्रशिक्षण
शहडोल। वन वृत्त शहडोल के वन संरक्षक महेन्द्र प्रताप सिंह के निर्देशानुसार 15 अक्टूबर 2026 को काष्ठागार नरसरहा, शहडोल में वन विभाग की प्रशिक्षण सह कार्यशाला आयोजित की गई। वनमण्डलाधिकारी दक्षिण शहडोल सुश्री श्रद्धा पन्द्रे तथा उप वनमण्डलाधिकारी सोहागपुर संतोष कुमार शुक्ला एवं जैतपुर वीरभद्र सिंह परिहार के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यशाला में वन्यजीवों के सुरक्षित रेस्क्यू, वन अपराधों की विवेचना, सर्पदंश से बचाव, पौधारोपण की तैयारी, कूप मार्किंग, सीमांकन, पुनरुत्पादन सर्वे और भूजल संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यशाला में वन्यप्राणी विशेषज्ञ काजल जाधव, शासकीय नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा महाविद्यालय जबलपुर के प्रोफेसर डॉ. ब्रिजेश सिंह, शहडोल के पशु चिकित्सक डॉ. दीवान, सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी सुधा भदौरिया तथा बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व उमरिया के वन्यप्राणी विशेषज्ञ कमलेश नंदा ने विभिन्न विषयों पर जानकारी दी।
वन अपराधों की विवेचना और न्यायालयीन प्रक्रिया पर चर्चा
वनमण्डलाधिकारी सुश्री श्रद्धा पन्द्रे ने वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत दर्ज होने वाले प्रकरणों की विवेचना एवं आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं के संबंध में कर्मचारियों को जानकारी दी। वहीं, सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी सुधा भदौरिया ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भारतीय वन अधिनियम एवं वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत वन अपराध प्रकरण दर्ज करने और उन्हें न्यायालय में प्रस्तुत करने की प्रक्रिया समझाई।
वन्यजीवों के रेस्क्यू और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया बताई
विशेषज्ञों ने वन्यजीवों की मृत्यु के बाद शव परीक्षण, फॉरेंसिक जांच तथा आवश्यक नमूनों की जांच की प्रक्रिया पर विस्तार से प्रकाश डाला। वन्यप्राणी विशेषज्ञ कमलेश नंदा ने वन्यजीवों के सुरक्षित रेस्क्यू और मानव-वन्यजीव द्वंद्व की रोकथाम के उपाय बताए।
वानिकी कार्यों की तकनीकी जानकारी दी गई
उप वनमण्डलाधिकारी सोहागपुर संतोष कुमार शुक्ला ने कूप सर्वे, सीमांकन, कूप मार्किंग और पुनरुत्पादन सर्वे के उद्देश्य एवं प्रक्रिया की जानकारी दी। वहीं, उप वनमण्डलाधिकारी जैतपुर वीरभद्र सिंह परिहार ने पौधारोपण के लिए क्षेत्र की तैयारी से संबंधित तकनीकी पहलुओं को समझाया।
कार्यशाला का उद्देश्य वन विभाग के मैदानी अमले की तकनीकी दक्षता बढ़ाना, वन अपराधों की प्रभावी जांच सुनिश्चित करना तथा वन्यजीव संरक्षण एवं प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर प्रबंधन को मजबूत करना रहा।
कार्यक्रम में वन परिक्षेत्राधिकारी सलीम खान (बुढ़ार), अंकुर तिवारी (केशवाही), सुदीप मिश्रा (खन्नौधी), हेमन्त प्रजापति (गोहपारू) और अमित सिंह चंदेल (जैतपुर) सहित वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।


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