छठ महापर्व की तैयारियों को लेकर उत्तर पूर्व भारतीय संघ की बैठक संपन्न
15 एवं 16 नवंबर को श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाएगा छठ महापर्व, तीन प्रमुख घाटों पर व्यवस्थाओं को लेकर हुई चर्चा
शहडोल। सूर्य उपासना एवं लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा के आयोजन की तैयारियों को लेकर उत्तर पूर्व भारतीय संघ की बैठक संपन्न हुई। बैठक में आगामी 15 एवं 16 नवंबर 2026 को छठ महापर्व श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाने का निर्णय लिया गया। आयोजन को भव्य, सुव्यवस्थित एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए विभिन्न व्यवस्थाओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में मोहनराम तालाब, बड़ी भीट तालाब (बलपुरवा) एवं मुड़ना नदी स्थित छठ पूजा स्थलों पर आवश्यक तैयारियों, घाटों की साफ-सफाई तथा श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर चर्चा की गई। संघ के पदाधिकारियों ने आयोजन से संबंधित व्यवस्थाओं को समय पर सुनिश्चित करने और श्रद्धालुओं को सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
छठ महापर्व सूर्य देव एवं छठी मैया की आराधना का प्रमुख पर्व है, जो आस्था, पवित्रता, अनुशासन और सामाजिक एकता का संदेश देता है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पारंपरिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करते हैं।
श्रद्धालुओं से विशेष अपील
उत्तर पूर्व भारतीय संघ ने समस्त श्रद्धालुओं एवं नागरिकों से अपील की है कि वे छठ महापर्व के दौरान घाटों की स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग करें तथा पूजा स्थलों पर निर्धारित व्यवस्थाओं और सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करें। घाटों एवं जलाशयों में प्लास्टिक, कचरा अथवा पूजन सामग्री इधर-उधर न फेंकें, बल्कि निर्धारित स्थानों पर ही डालें। पूजा के दौरान अनुशासन बनाए रखें, बच्चों एवं बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें तथा जलाशयों में उतरते समय सावधानी बरतें।
संघ ने सभी श्रद्धालुओं से आपसी सहयोग, सौहार्द और भाईचारे के साथ पर्व मनाने का आग्रह करते हुए कहा कि सभी के सामूहिक सहयोग से ही छठ महापर्व को गरिमामय, स्वच्छ एवं व्यवस्थित रूप से संपन्न कराया जा सकता है।
बैठक में उत्तर पूर्व भारतीय संघ के पदाधिकारीगण उपस्थित रहे। सभी ने छठ महापर्व के सफल आयोजन के लिए मिलकर कार्य करने और आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने पर सहमति व्यक्त की।

إرسال تعليق