शहडोल:पंडित शंभूनाथ शुक्ल विश्वविद्यालय में भारतीय ज्ञान परंपरा का साकार रूप

पंडित शंभूनाथ शुक्ल विश्वविद्यालय में भारतीय ज्ञान परंपरा का साकार रूप

25 फरवरी 2026 को होगा भव्य पंचम दीक्षांत समारोह


शहडोल। पंडित शंभूनाथ शुक्ल विश्वविद्यालय केवल अकादमिक उत्कृष्टता का केंद्र ही नहीं, बल्कि भारतीय ज्ञान परंपरा के व्यावहारिक क्रियान्वयन का सशक्त उदाहरण बनकर उभर रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यहाँ भारतीय ज्ञान-परंपरा को केवल सैद्धांतिक विमर्श तक सीमित न रखते हुए उसे शैक्षणिक एवं प्रशासनिक परिवेश में व्यवहारिक रूप से आत्मसात किया जा रहा है।

विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राएँ तथा समस्त शैक्षणिक एवं अशैक्षणिक स्टाफ दैनिक जीवन में भारतीय चिंतन की मूल जीवन-दृष्टि—संयम, अनुशासन, आत्मचिंतन और समरसता—को अपनाते हुए आत्मविकास की दिशा में अग्रसर हैं। सर्वांगीण विकास के उद्देश्य से विद्यार्थियों और कर्मचारियों की मानसिक एवं बौद्धिक क्षमताओं के संवर्धन हेतु नियमित रूप से मेडिटेशन, बीज मंत्र साधना एवं हार्ट हीलिंग जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों के सकारात्मक परिणाम स्पष्ट रूप से परिलक्षित हो रहे हैं—प्रतिभागियों में मानसिक संतुलन, आंतरिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और एकाग्रता में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

पर्यावरणीय चेतना के क्षेत्र में भी विश्वविद्यालय सतत सक्रिय है। नियमित वृक्षारोपण अभियान के माध्यम से छात्र-छात्राओं में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता, संरक्षण और उत्तरदायित्व की भावना विकसित की जा रही है। विश्वविद्यालय परिसर हरित चेतना का जीवंत उदाहरण बनता जा रहा है।

इसी कड़ी में विश्वविद्यालय का पंचम दीक्षांत समारोह आगामी 25 फरवरी 2026 को विश्वविद्यालय परिसर, नवापुर, शहडोल में भव्य रूप से आयोजित किया जाएगा। समारोह में भारतीय सांस्कृतिक परंपरा का अनुपालन विशेष आकर्षण रहेगा। कार्यक्रम के अंतर्गत राष्ट्रगीत का गायन विश्वविद्यालय के संगीत विभाग के छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत किया जाएगा, जो समारोह की गरिमा और सांस्कृतिक वैभव को और अधिक समृद्ध करेगा।कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 11:30 बजे माननीय कुलाधिपति के विश्वविद्यालय आगमन एवं पंडित शंभूनाथ शुक्ल की प्रतिमा पर माल्यार्पण से होगा। इसके पश्चात कार्यपरिषद की औपचारिक बैठक आयोजित की जाएगी। 11:41 बजे दीक्षांत शोभायात्रा अतिथि भवन से प्रस्थान कर समारोह स्थल पहुँचेगी।

राष्ट्रगीत एवं राष्ट्रगान, दीप प्रज्वलन तथा सरस्वती वंदना के साथ समारोह की विधिवत शुरुआत होगी। कुलगुरु द्वारा स्वागत उद्बोधन एवं विश्वविद्यालय की प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाएगा। इसके उपरांत संकायाध्यक्षों द्वारा उपाधि हेतु अर्ह विद्यार्थियों को प्रस्तुत किया जाएगा तथा दीक्षांत शपथ दिलाई जाएगी।

समारोह में पंडित शंभूनाथ शुक्ल स्वर्ण पदक एवं विभिन्न संकायों की उपाधियाँ वितरित की जाएंगी। दीक्षांत अतिथि द्वारा प्रेरणादायी उद्बोधन दिया जाएगा। साथ ही विशिष्ट अतिथियों के संबोधन एवं माननीय कुलाधिपति के अध्यक्षीय उद्बोधन का भी कार्यक्रम निर्धारित है।

समारोह के दौरान विश्वविद्यालय की स्मारिका का विमोचन किया जाएगा तथा अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया जाएगा। अंत में आभार प्रदर्शन एवं राष्ट्रगीत के साथ कार्यक्रम का समापन होगा तथा दीक्षांत शोभायात्रा की वापसी होगी।

विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा सुरक्षा, बैठक व्यवस्था एवं विद्यार्थियों की सुविधा हेतु विशेष प्रबंध किए गए हैं। दीक्षांत समारोह को ऐतिहासिक एवं गरिमामय बनाने के लिए सभी तैयारियाँ पूर्ण हैं।

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