श्रद्धा महिला मण्डल एवं जागृति महिला समिति (SECL) की पहल पर उठे सवाल, लोगों ने कहा—“सेवा नहीं, सिर्फ दिखावा”
प्याऊ या दिखावा? उद्घाटन के एक घंटे में ही गायब पानी, सड़क पर फैला कचरा
जिला ब्यूरो मुनेन्द्र यादव
अनूपपुर। साउथ ईस्टर्न कोल फील्ड्स क्षेत्र में समाजसेवा के नाम पर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। श्रद्धा महिला मण्डल एवं जागृति महिला समिति (एसईसीएल) द्वारा राजनगर आर ओ उपक्षेत्र में बड़े उत्साह के साथ लगाए गए प्याऊ का उद्घाटन तो धूमधाम से किया गया, लेकिन महज एक घंटे के भीतर ही इसकी हकीकत सामने आ गई। जिससे साफ हो गया कि यह जनसेवा नहीं महज एक दिखावा है । सूत्रों के अनुसार प्याऊ के नाम पर एस ई सी एल से अच्छा खासा अनुदान प्राप्त कर लिया जाता है।
उदघाट्न के महज घण्टे भर में ही गायब होने लगे पानी के पात्र
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उद्घाटन के तुरंत बाद ही पशुओं के लिए रखे गए पानी के पात्र और पानी दोनों ही गायब हो गए। जिस प्याऊ को राहगीरों और पशुओं की प्यास बुझाने के उद्देश्य से लगाया गया था, वह कुछ ही समय में गायब हो गया।
जिस उत्साह से हुआ प्याऊ का उद्घाटन उससे चार गुना पूरे सड़क में फैलाया कचड़ा
इतना ही नहीं, कार्यक्रम समाप्त होते ही पूरे सड़क पर कचरा फैला दिया गया, जिससे आसपास का वातावरण दूषित हो गया। स्थानीय लोगों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जहां एक ओर सेवा का दावा किया जा रहा था, वहीं दूसरी ओर जिम्मेदारी का पूरी तरह अभाव देखने को मिला।
प्याऊ के नाम पर पिलाया जाता है खदान से निकलने वाला काला,दूषित पानी
कुछ लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि उद्घाटन के बाद साफ पानी के बजाय खदान का काला और अशुद्ध पानी वितरित किया जाता है, जो स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है।
जनसेवा पर लगा सवालिया निशान, गैर जिम्मेदार रवैया पर उठे सवाल
स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह पहल वास्तव में जनसेवा के लिए नहीं, बल्कि महज दिखावे के लिए की गई थी। उनका सवाल है कि यदि सेवा की भावना सच्ची होती, तो कम से कम व्यवस्था को बनाए रखने की जिम्मेदारी भी निभाई जाती।
इस घटना ने समाजसेवा के नाम पर हो रही गतिविधियों की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह होगा कि संबंधित समिति इस मामले पर क्या स्पष्टीकरण देती है और प्रशासन इस पर क्या कार्रवाई करता है।

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