शिशु एवं मातृ मृत्यु दर पर प्रभावी नियंत्रण हेतु गर्भवती माताओं की सतत निगरानी आवश्यक- सीएमएचओ
शहडोल। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय शहडोल में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश मिश्रा की अध्यक्षता में मासिक शिशु एवं मातृ मृत्यु दर में कमी लाने हेतु समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अप्रैल से जून 2026 के दौरान जिले में हुई तीन मातृ मृत्यु के प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा करते हुए उनके कारणों, स्वास्थ्य सेवाओं में सामने आई कमियों एवं आवश्यक सुधारात्मक उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश मिश्रा ने कहा कि मातृ मृत्यु की प्रत्येक घटना अत्यंत संवेदनशील है और इसे रोकने के लिए स्वास्थ्य तंत्र को और अधिक सक्रिय एवं जवाबदेह बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देश दिए कि समीक्षा के दौरान चिन्हित सभी कमियों को प्राथमिकता के आधार पर तत्काल दूर किया जाए तथा गर्भवती महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने गर्भवती महिलाओं की समय पर पहचान, नियमित प्रसवपूर्व जांच, एनीमिया एवं अन्य जटिलताओं की समय रहते पहचान, उच्च जोखिम गर्भावस्था का प्रभावी प्रबंधन, समय पर रेफरल व्यवस्था तथा शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। साथ ही आशा, एएनएम एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को समुदाय स्तर पर सतत निगरानी एवं जागरूकता गतिविधियां संचालित करने के निर्देश दिए गए, ताकि भविष्य में मातृ मृत्यु की घटनाओं में प्रभावी कमी लाई जा सके।
बैठक में जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.के. शुक्ला, सिविल सर्जन डॉ. शिल्पी सराफ सहित जिला स्वास्थ्य समिति के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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