आदित्य हॉस्पिटल के बेसमेंट में संचालित सुविधाओं पर उठे सवाल
शहडोल। शहडोल स्थित आदित्य सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में बेसमेंट (तलघर) में संचालित चिकित्सीय सुविधाओं को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। अस्पताल के पंचम स्थापना दिवस पर अत्याधुनिक कैथलैब का शुभारंभ होने के बाद यह मामला चर्चा में आया है। स्थानीय स्तर पर यह सवाल उठाए जा रहे हैं कि जिन हिस्सों के उपयोग को लेकर पहले नगर पालिका ने आपत्ति दर्ज की थी, वहां अब नई चिकित्सीय सुविधाएं संचालित की जा रही हैं।
स्थापना दिवस के बाद चर्चा में आया मामला
अस्पताल के पंचम स्थापना दिवस समारोह में क्षेत्र की सांसद हिमाद्री सिंह एवं विधायक जयसिंह मरावी सहित कई जनप्रतिनिधि और अतिथि शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान अत्याधुनिक कैथलैब का शुभारंभ किया गया। इसके बाद बेसमेंट में संचालित सुविधाओं को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया।
पहले भी जारी हो चुका है, नोटिस
जानकारी के अनुसार, नगर पालिका परिषद शहडोल द्वारा वर्ष 2025 में अस्पताल प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। नोटिस में भवन अनुज्ञा के विपरीत बेसमेंट के उपयोग पर आपत्ति दर्ज करते हुए निर्धारित समय सीमा में जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि उस नोटिस के बाद क्या कार्यवाही हुई, इसे लेकर अब भी सवाल उठ रहे हैं।
बेसमेंट उपयोग को लेकर क्या कहते हैं, नियम?
भवन निर्माण एवं नगरीय विकास से जुड़े प्रावधानों के अनुसार किसी भी भवन के बेसमेंट का उपयोग स्वीकृत नक्शे और निर्धारित नियमों के अनुरूप होना चाहिए। यदि बेसमेंट का उपयोग स्वीकृत उद्देश्य से अलग किया जाता है, तो संबंधित विभाग जांच कर आवश्यक कार्यवाही कर सकता है। ऐसे मामलों में अंतिम निर्णय सक्षम प्राधिकारी द्वारा उपलब्ध दस्तावेजों एवं जांच रिपोर्ट के आधार पर लिया जाता है।
सुरक्षा मानकों पर भी उठ रहे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है, कि यदि बेसमेंट में बड़ी संख्या में मरीजों और तीमारदारों की आवाजाही होती है, तो वहां अग्नि सुरक्षा, आपातकालीन निकासी, वेंटिलेशन और अन्य सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन होना आवश्यक है। विशेषज्ञों का भी मानना है कि अस्पतालों में सुरक्षा संबंधी सभी मानकों का पालन सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
अस्पताल प्रबंधन का पक्ष आना बाकी
फिलहाल इस मामले में अस्पताल प्रबंधन का विस्तृत पक्ष सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है। समाचार प्रकाशित होने तक उनका पक्ष प्राप्त नहीं हो सका। उनका पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
अब जांच पर टिकी हैं, निगाहें
पूरा मामला अब नगर पालिका एवं संबंधित विभागों की जांच पर निर्भर है। यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। वहीं यदि अस्पताल प्रबंधन के पास सभी आवश्यक स्वीकृतियां एवं अनुमति उपलब्ध हैं तो उनका परीक्षण भी जांच का हिस्सा होगा। अब सभी की निगाहें प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।
इनका कहना है
मामले में मुख्य नगर पालिका अधिकारी निशांत ठाकुर ने कहा कि मामले की समीक्षा कर पुनः नोटिस जारी किया जाएगा तथा नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
वहीं नगर पालिका परिषद शहडोल के अध्यक्ष घनश्याम जायसवाल ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है और जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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