कोतमा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: पशु तस्करी का भंडाफोड़, दो आरोपी गिरफ्तार, 18 मवेशी मुक्त
अनूपपुर। जिले में पशु तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए अनूपपुर पुलिस अधीक्षक मोती-उर-रहमान के निर्देशों पर कोतमा पुलिस द्वारा एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया। इस कार्रवाई में दो पशु तस्करों को गिरफ्तार कर 18 मवेशियों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया गया है।
4-05/08/2025 की रात्रि में थाना प्रभारी कोतमा निरीक्षक रत्नाम्बर शुक्ल को सूचना प्राप्त हुई कि सेमरिहा चौराहे के पास कुछ व्यक्ति लगभग 17 से 18 भैंस पड़ों को निर्दयता से मारते-पीटते हुए बिना चारा-पानी दिए केशवाही की ओर ले जा रहे हैं। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी ने तत्काल पुलिस टीम गठित कर मौके के लिए रवाना किया। साथ ही ग्राम सेमरिहा के कुछ ग्रामीणों को सूचित कर घेराबंदी हेतु निर्देशित किया गया।
पुलिस और ग्रामीणों की संयुक्त कार्रवाई में मौके से आरोपी स्वामीदीन अगरिया (निवासी ग्राम लोहासुर, थाना कोतमा) को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 18 नग मवेशी जब्त किए गए। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि मवेशियों को दादू मुसलमान उर्फ अजमत अली (निवासी मौहार टोला, केशवाही, जिला शहडोल) के कहने पर आसपास के गांवों से खरीदकर छोटू महरा (ग्राम लोहासुर) के बाड़े में रखा गया था, और फिर शनि महरा तथा रामशरण कंजर के माध्यम से उन्हें केशवाही ले जाया जा रहा था।
पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दादू मुसलमान उर्फ अजमत अली को भी गिरफ्तार कर लिया है, जबकि शनि महरा व रामशरण कंजर अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। उनकी तलाश जारी है।
कोतमा पुलिस ने 18 मवेशियों की अनुमानित कीमत करीब 9 लाख रुपये बताई है। आरोपियों के विरुद्ध पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण अधिनियम एवं मध्यप्रदेश कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम की धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच जारी है।
कार्यवाही में इनकी रही सराहनीय भूमिका
इस सफल अभियान में थाना प्रभारी निरीक्षक रत्नाम्बर शुक्ल के साथ सहायक उपनिरीक्षक गोविन्द प्रजापति, प्रधान आरक्षक दिनेश राठौर, प्रधान आरक्षक भानुप्रताप सिंह तथा आरक्षक अभय त्रिपाठी की विशेष भूमिका रही।

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