शहडोल:बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में नीलगाय के शिकार के मामले में दो आरोपी गिरफ्तार

वन विभाग की टीम ने साक्ष्यों के आधार पर की कार्रवाई, न्यायालय ने दोनों आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा

शहडोल। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व अंतर्गत परिक्षेत्र धमोखर की बीट बसकुटा में नीलगाय के शिकार के मामले में वन विभाग की टीम ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नरेंद्र सिंह, पिता जगमोहन सिंह, निवासी घुन्सू तथा नागेश्वर सिंह, पिता मुकुट सिंह, निवासी सेहरा टोला, थाना कोतवाली उमरिया के रूप में हुई है। दोनों आरोपियों के विरुद्ध वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की धारा 9, 39, 50 एवं 51 के अंतर्गत कार्रवाई की गई है।

गश्ती के दौरान घास से ढका मिला नीलगाय का शव

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व प्रबंधन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 7 अक्टूबर 2026 को वन अमले द्वारा सुबह 6 बजे से नियमित गश्ती की जा रही थी। इसी दौरान झिरिया हार के राजस्व क्षेत्र में एक पेड़ के नीचे घास से ढकी हुई संदिग्ध वस्तु दिखाई दी। वन अमले ने मौके पर पहुंचकर घास हटाई, तो वहां एक नीलगाय मृत अवस्था में पड़ी मिली।

डॉग स्क्वाड की मदद से की गई जांच

घटना की सूचना तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए मौके पर डॉग स्क्वाड बुलाकर गहन जांच की गई। वन्यप्राणी स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा मृत नीलगाय के शव का परीक्षण भी किया गया। घटना की परिस्थितियां संदिग्ध पाए जाने पर मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने और आरोपियों की पहचान के लिए विशेष टीम गठित की गई।

साक्ष्यों के आधार पर गिरफ्तार किए गए आरोपी

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की टीम ने सतत जांच और एकत्रित साक्ष्यों के आधार पर 23 अक्टूबर 2026 को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को उमरिया स्थित माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।

वन्यजीवों के शिकार पर होगी कठोर कार्यवाही 

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व प्रबंधन द्वारा वन्यजीवों के संरक्षण और अवैध शिकार की रोकथाम के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीवों के विरुद्ध अपराधों में संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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